Sector 18
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Sector 18

by Arjyajyoti Goswami

Publisher: Author's Ink Publications

GenreShort-Stories
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आज जहां सैक्टर 18 है पहले वो एक खाली मैदान हुआ करता था. केवल चौराहे पर एक अट्टा पीर का दरगाह, सड़क के इस्पार अट्टा मार्केट और उसपार धरम पैलेस. फ़िर सैक्टर 18 बदल गया, बड़ी जल्दी ही बदल गया. सड़क के ऊपर ब्लू लाइन मेट्रो आ गयी, खाली मैदान में मॉल आ गए, मटरगश्ती करते दोस्तों कि जगह समय कि कमी से जूझते professionals आ गए. सादा सा सैक्टर 18 अचानक से बहुत बड़ा कर दिया गया. सैक्टर 18 के बदलने के साथ साथ ही कई लोगों की ज़िंदगियाँ बदल गयी. इस पुस्तक में वैसी 9 कहानियाँ हैं जो कि समय के साथ हुए बदलाव और उस बदलाव के इंसान पर पड़ने वाले असर को दिखाती हैं. मैंने नोएडा में 1998 से 2006 तक रहा था. लगभग 10 साल से 19 साल की उम्र तक. कहते हैं जिस शहर में हम बड़े होते हैं वो शहर हमें कभी नहीं छोडता. भले ही हम उस शहर को छोड़ दें. ये किताब मेरे उस सैक्टर 18 के लिए है जो मेरे साथ साथ बड़ा हो रहा था और एक दिन, जब मैं ध्यान नहीं दे रहा था तो अचानक से बहुत बड़ा हो गया था.

ISBN: 9789392665486

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